All we have some bad time in our life . But it is on us how we deal with it ...
गम ....
ये गम क्या है .....
सब के लिये इसकी अलग अलग परिभाषाये है..
कोई कहता है ,मुश्किलों से भरा बम है ये गम,
तो किसी के लिये दोस्तों के साथ छलकता जाम ह ये गम।
किसी क लिये हालतों से समझोता करने वाला शन है गम,
तो कोई कहता है हार से लड़ने का भरता दम है ये गम।
किसी के लिये जिन्दगी के पहलू को करता नम है गम,
तो कोई कहता है ख़ुशी से पहले कड़वा पल है गम।
किसी के लिये यार के जाने के बाद हुआ अहसास है गम,
तो कोई कहता है यार क आने की आस है ये गम।
किसी के लिये अपने के गुज़र कने का मातम है ये गम,
तो कोई कहता है की उसकी यादों का सुनहरा आश्रम है गम।
सन्यासी के लिए जिन्दगी का भ्रम है गम,
तो आम के लिये मन मई विकारो से बुना जाल है गम।
किसी क अच्हे marks आ जाने पर,
दुश्मन के लिये ईर्ष्या का द्वार है गम,
तो दोस्तों के लिये बिछड़ने का डर है गम।
सच पूछो तो जिन्दगी का क्रमिक चक्र गम है गम,
sine wave का वक्र है गम...
जो ऊपर जाने के बाद नीचे आता है गम।
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